10 अप्रैल 2026 को रात 8:07 बजे (Eastern Time) कैप्सूल “Integrity” प्रशांत महासागर में सैन डिएगो से लगभग 40–50 मील दूर उतरा. चारों अंतरिक्षयात्रियों ने 9 दिन, 1 घंटा और 32 मिनट अंतरिक्ष में बिताए, करीब 7 लाख मील की दूरी तय की और पृथ्वी से 2,52,756 मील दूर जाकर मानव इतिहास का नया दूरी रिकॉर्ड बनाया. 1972 के बाद यह पहली बार था जब कोई इंसान पृथ्वी की कक्षा से बाहर गया. NASA के प्रशासक Jared Isaacman ने इस लैंडिंग को “एकदम सटीक splashdown” कहा.

ज़रूरी बात: यह चंद्रमा पर उतरना नहीं है

Artemis II एक flyby मिशन है. क्रू ने चंद्रमा का चक्कर लगाया और अब वापस आ रहा है. चंद्रमा की सतह पर पहला कदम Artemis IV में – 2028 की शुरुआत में रखा जाएगा. Artemis II उस दिशा में एक ज़रूरी कदम है, लेकिन वह असली घटना नहीं है.

लॉन्च
1 अप्रैल
शाम 6:35 EDT, केप कैनेवरल
चंद्रमा का चक्कर
6 अप्रैल
सतह से 6,543 किमी की दूरी पर
दूरी का रिकॉर्ड
7 अप्रैल
पृथ्वी से 252,760 मील दूर
Splashdown
10 अप्रैल
20:07 EDT, प्रशांत महासागर, सैन डिएगो से ~40 मील दूर ✓

अंतरिक्ष से चंद्रमा और पृथ्वी की तस्वीरें — Artemis II मिशन

Orion अंतरिक्षयान चंद्रमा की ओर जाते हुए अंतरिक्ष में

Orion अंतरिक्षयान — Artemis II — खुले अंतरिक्ष में चंद्रमा की ओर जाते हुए. क्रू ने इसे ‘Integrity’ नाम दिया. NASA / AP

Orion से 2 अप्रैल को पृथ्वी का नज़ारा

2 अप्रैल. Orion से पृथ्वी — अंतरिक्षयान चंद्रमा की ओर रवाना होने से पहले ही कक्षा में आ चुका था. NASA / AP

2 अप्रैल 2026 को खिड़की से पृथ्वी का दृश्य

2 अप्रैल. खिड़की से पृथ्वी — यह तस्वीर अंतरिक्ष यात्री Wiseman ने चंद्रमा की ओर जाने वाली कक्षा में प्रवेश के ठीक बाद खींची. NASA / AP

अंतरिक्ष यात्री Christina Koch पृथ्वी को निहारते हुए

अंतरिक्ष यात्री Christina Koch Orion की खिड़की से पृथ्वी देख रही हैं — क्रू पहले से ही चंद्रमा की ओर जा रहा था. NASA / AP

3 अप्रैल 2026 को Orion की खिड़की से पृथ्वी

3 अप्रैल. Orion की खिड़की से पृथ्वी — उड़ान का तीसरा दिन, अंतरिक्षयान घर से काफ़ी दूर निकल चुका था. NASA / AP

Artemis II का क्रू

4 अप्रैल. Artemis II का क्रू — Wiseman, Hansen, Koch और Glover — Orion में चंद्रमा की ओर जाते हुए interview की तैयारी कर रहे हैं

6 अप्रैल, चंद्रमा के सबसे करीब पहुँचने में कुछ ही घंटे बचे हैं

6 अप्रैल. Orion की खिड़की से चंद्रमा — सबसे करीब पहुँचने में कुछ ही घंटे बाकी थे. NASA / AP

चंद्रमा करीब से

6 अप्रैल. चंद्रमा करीब से — दाईं तरफ वह हिस्सा जो पृथ्वी से दिखता है, बाईं तरफ दूसरा छोर. दोनों की सीमा पर Orientale क्रेटर है जिसका व्यास लगभग 1,000 किमी है. NASA / AP

चंद्रमा के पीछे से सूरज निकलते हुए

6 अप्रैल. चंद्रमा के पीछे से सूरज निकल रहा है — ग्रहण खत्म हो रहा है. करीब एक घंटे का पूरा अंधेरा पीछे छूट गया. NASA

6 अप्रैल को पृथ्वी चंद्रमा की सतह के पीछे जाती हुई

6 अप्रैल, 18:41 EDT. चंद्रमा का चक्कर लगाते वक्त Orion की खिड़की से — पृथ्वी चंद्रमा की सतह के पीछे छुपती दिख रही है. अग्रभूमि में Om क्रेटर अपनी विशिष्ट केंद्रीय चोटियों के साथ. NASA / AP

चंद्रमा पर दिन और रात की सीमा

6 अप्रैल. चंद्रमा पर दिन और रात की सीमा — टर्मिनेटर. सूरज की तिरछी किरणें सतह का उभार दिखाती हैं: Joul, Birkhoff, Stebbins क्रेटर और आसपास के पठार. NASA / AP

चंद्रमा ने सूरज को पूरी तरह ढक लिया

6 अप्रैल. चंद्रमा ने सूरज को पूरी तरह ढक लिया — 54 मिनट का पूर्ण सूर्यग्रहण. चारों तरफ चमकता हुआ प्रभामंडल सूर्य का कोरोना है — उसका बाहरी वायुमंडल. पृथ्वी से ऐसा नज़ारा कभी नहीं दिखता. NASA / AP

ओरिएंटेल बेसिन का दक्षिण-पश्चिमी हिस्सा

ओरिएंटेल बेसिन का दक्षिण-पश्चिमी हिस्सा. फ्रेम के बीच में एक छल्लेनुमा पर्वत शृंखला दिखती है — यह चाप किसी प्राचीन और जबरदस्त उल्कापात से बनी है. यह शृंखला आसपास की सतह से ऊपर उठती है और बेसिन की बाहरी सीमा बनाती है — चाँद पर सबसे साफ़ बचे हुए मल्टी-रिंग इम्पैक्ट स्ट्रक्चर्स में से एक. Apollo युग के अंतरिक्ष यात्रियों ने इसकी खास घुमावदार आकृति की वजह से इसे अनौपचारिक रूप से ‘kiss’ यानी ‘चुंबन’ का नाम दे दिया था.

चंद्र परिदृश्य

6 अप्रैल. एक ही फ्रेम में चंद्रमा की कई संरचनाएं एक साथ दिखती हैं, जिन्हें Artemis II के क्रू ने अपने observation session के दौरान identify किया. इनमें शामिल हैं – ओम क्रेटर, ओशन ऑफ स्टॉर्म्स, ग्रिमाल्डी क्रेटर, पियेराज़ो क्रेटर, हाल ही में नामकरण के लिए प्रस्तावित कैरोल क्रेटर और विशाल हर्ट्ज़स्प्रंग बेसिन. ये सभी मिलकर चंद्रमा के कई तरह के भूगोल को दर्शाते हैं – गहरे रंग के ज्वालामुखीय मैदानों से लेकर घने क्रेटरों वाले पठारों और पुराने impact basins के अवशेषों तक.

6 अप्रैल - तस्वीर में चंद्रमा के कई अहम हिस्से

6 अप्रैल. फ्रेम में चंद्रमा की कई खास संरचनाएं एक साथ दिखती हैं. अरिस्टार्कस क्रेटर अपनी चमक की वजह से अलग ही नज़र आता है – इसकी high reflectivity आसपास के terrain से एकदम अलग दिखती है. पास में मेरिअस हिल्स का इलाका है जहां ज्वालामुखीय domes और cones की एक पूरी श्रृंखला है – चंद्रमा के पुराने ज्वालामुखीय इतिहास के निशान. रेनर गामा swirl गहरे basaltic मैदान पर एक चमकीला pattern बनाता है. ग्लुश्को क्रेटर की किरणें सतह पर धारियों की तरह फैली हुई हैं. तस्वीर के निचले हिस्से में ग्रिमाल्डी क्रेटर है, जिसका तल गहरे रंग का है.

कैरोल क्रेटर

6 अप्रैल. तस्वीर के बीच में जो चमकीला बिंदु दिख रहा है, वो वही क्रेटर है जिसे Artemis II के क्रू ने कैरोल नाम देने का प्रस्ताव दिया – commander Reid Wiseman की दिवंगत पत्नी की याद में. इस क्रेटर का diameter करीब 5.6 किलोमीटर है. यह चंद्रमा के visible side पर, पश्चिमी किनारे के पास है और काफी शक्तिशाली telescope से धरती से भी देखा जा सकता है.

चंद्रमा की सतह पर गहरे और चमकीले हिस्सों का contrast

6 अप्रैल. Artemis II के क्रू ने इस तस्वीर की तुलना हाथ की छाप से की. फ्रेम में चंद्रमा की सतह के गहरे और चमकीले हिस्सों का एक दिलचस्प contrast दिखता है. ऊपर से नीचे की तरफ गहरे क्षेत्र हैं – ओशन ऑफ स्टॉर्म्स, सी ऑफ ह्यूमिडिटी और बिर्गियस क्रेटर.

बाईं तरफ से सूरज उगता दिख रहा है

6 अप्रैल. बाईं तरफ से सूरज उग रहा है – करीब एक घंटे का पूर्ण सूर्यग्रहण खत्म हो रहा है. जब तक सूरज चंद्रमा के पीछे था, Orion यान पर सवार क्रू – जो foreground में दिख रहा है – चंद्रमा को अंधेरे में डूबा हुआ देख रहा था. यह वो नज़ारा था जो सामान्य हालात में देखना लगभग नामुमकिन होता है. और इस मौके ने निराश नहीं किया. Eastern time के अनुसार रात 9 बजे astronauts ने धरती से contact किया और meteoroid impacts की 6 flashes की जानकारी दी – वो चमकीले pulses जो तब बनते हैं जब meteoroid दसियों हज़ार किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चंद्रमा की सतह से टकराते हैं.

ओरिएंटेल बेसिन, करीब 1000 किलोमीटर diameter का क्रेटर

फ्रेम के बीच में ओरिएंटेल बेसिन है, जिसके केंद्र में एक गहरा धब्बा दिखता है – यह वो जमी हुई प्राचीन लावा है जो अरबों साल पहले हुए विस्फोट में चंद्रमा की पपड़ी को तोड़कर बाहर आई थी. करीब 1000 किलोमीटर diameter का यह impact crater चंद्रमा के visible और far side की सीमा पर है और कभी-कभी धरती से आंशिक रूप से दिख जाता है. बाईं तरफ जो छोटा चमकीला क्रेटर है वो बिर्गियस है, जिससे करीब 400 किलोमीटर लंबी किरणें चारों तरफ फैली हुई हैं.

धरती क्षितिज रेखा के करीब आती दिख रही है

6 अप्रैल. धरती क्षितिज रेखा की तरफ बढ़ती दिख रही है – यह तस्वीर Artemis II के क्रू ने उस वक्त से करीब छह मिनट पहले ली जब धरती चंद्रमा के पीछे छिप गई. धरती crescent phase में है, सूरज की रोशनी दाईं तरफ से पड़ रही है. disk का अंधेरा हिस्सा रात की तरफ है. रोशनी वाले हिस्से में ऑस्ट्रेलिया और ओशिनिया की हल्की नीली आभा के ऊपर घुमावदार cloud systems दिख रहे हैं. चंद्रमा की खुरदरी सतह पर छोटे-छोटे गड्ढों की कतारें secondary crater chains हैं, जो बड़े primary impacts से उछले मलबे से बनी हैं.

चाँद का दूरवाला हिस्सा सामने, पीछे धरती

चाँद का दूरवाला हिस्सा सामने, पीछे धरती

चाँद के दूरवाले हिस्से से धरती का नज़ारा

चाँद के दूरवाले हिस्से से धरती का नज़ारा

चंद्र कक्षा से धरती का अर्धचंद्राकार नज़ारा

चंद्र कक्षा से धरती का अर्धचंद्राकार नज़ारा

7 अप्रैल. Artemis-2 क्रू की आकाशगंगा की तस्वीर

वक़्त को थाम लेने वाली तस्वीर. Artemis II के क्रू ने हमारी आकाशगंगा – मिल्की वे – की यह फ़ोटो खींची. इसकी सर्पिल संरचना केंद्रीय तारों की “पट्टी” से निकलने वाली सिर्फ़ दो भुजाओं से बनती है. आकाशगंगा का व्यास 1 लाख प्रकाश वर्ष से ज़्यादा है. धरती इन्हीं सर्पिल भुजाओं में से एक पर, केंद्र से लगभग आधे रास्ते पर मौजूद है.

घर वापसी से पहले की तस्वीर

7 अप्रैल. Artemis II का क्रू धरती की ओर वापसी के दौरान ओरियन यान के अंदर गले मिलता हुआ. बाएं से दक्षिणावर्त: मिशन स्पेशलिस्ट Christina Koch, मिशन स्पेशलिस्ट Jeremy Hansen, कमांडर Reid Wiseman और पायलट Victor Glover. 6 अप्रैल को चाँद के दूरवाले हिस्से का चक्कर लगाने के बाद क्रू ने धरती की राह पकड़ी और 10 अप्रैल को प्रशांत महासागर में उतरा.

कैलिफ़ोर्निया के सैन डिएगो तट के पास समुद्र में उतरना

कैलिफ़ोर्निया के सैन डिएगो तट के पास समुद्र में उतरना

पानी की सतह को छूते हुए

10 अप्रैल 2026. क्रू धरती पर वापस आ गया. पानी की सतह को छूने का वह पल

NASA के अंतरिक्षयात्री Victor Glover और Christina Koch

NASA के अंतरिक्षयात्री Victor Glover और Christina Koch

Jeremy Hansen और Reid Wiseman

Jeremy Hansen (बाएं, लकी चार्म खिलौने के साथ) और Reid Wiseman (दाएं, कमांडर)

लॉन्च: कैसे हुआ सब

1 अप्रैल 2026 को 98 मीटर ऊँची SLS रॉकेट Kennedy Space Center के Launch Pad 39B से उठी. YouTube पर live launch देख रहे थे 1 करोड़ 70 लाख लोग — उतने ही जितने किसी फुटबॉल वर्ल्ड कप फाइनल की broadcast पर होते हैं. हज़ारों लोगों ने फ्लोरिडा के समुद्र तटों से यह नज़ारा देखा. अटलांटिक के ऊपर उड़ रहे एक विमान के यात्री ने खिड़की से लॉन्च की video बना ली.

इस लॉन्च तक पहुँचने में काफ़ी वक्त लगा. पहले launch 5 फरवरी को तय था, लेकिन तीन बार टाला गया — पहले सर्दियों का तूफान आया, फिर पहली fueling के दौरान liquid hydrogen leak हुआ, फिर helium system में खराबी. 1 अप्रैल की तीसरी कोशिश ही काम आई.

Artemis II लॉन्च की पूरी recording — उड़ान से कक्षा में पहुँचने तक 15 मिनट

Instagram पर लोगों ने Artemis II launch के खूब video शेयर किए. किसी ने फ्लोरिडा के ऊपर उड़ रहे विमान की खिड़की से यह नज़ारा कैमरे में कैद कर लिया.

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चंद्रमा पर वापसी का program कैसे बना

आखिरी बार इंसान दिसंबर 1972 में चंद्रमा पर गया था — Apollo 17 मिशन. उसके बाद पचास साल की चुप्पी: ISS, Mars rover, telescope — लेकिन चंद्रमा नहीं.

बदलाव 2017 में आया जब राष्ट्रपति Trump ने एक directive पर हस्ताक्षर किए और NASA को चंद्रमा की ओर वापस मोड़ दिया. 2019 में इस program का नाम Artemis रखा गया — ग्रीक पौराणिक कथाओं में चंद्रमा की देवी और Apollo के जुड़वाँ भाई-बहन. नाम में ही इशारा है.

लेकिन असली वजह रोमांस नहीं थी. चीन ने 2030 तक अपने खुद के चंद्रमा landing mission और रूस के साथ मिलकर एक lunar station बनाने का ऐलान किया है. अमेरिका ने Artemis program और Artemis Accords से जवाब दिया — एक international agreement जिस पर अब तक 61 देश sign कर चुके हैं. NASA administrator Jared Isaacman ने सीधे कहा: “महाशक्तियों की इस दौड़ में घड़ी चल रही है.”

NASA सिर्फ चंद्रमा पर वापस नहीं जा रहा. NASA जल्दी में है — क्योंकि चीन दूसरे झंडे के साथ पीछे आ रहा है.

चीन की lunar महत्वाकांक्षाओं और इसके वैश्विक अंतरिक्ष कार्यक्रम पर असर के बारे में RAND Corporation का विश्लेषण पढ़ें.

नवंबर 2022 में unmanned Artemis I ने चंद्रमा का सफल चक्कर लगाया — बिना किसी इंसान के technology test की गई. Artemis II पहली crewed flight है. इससे यह पता चलेगा कि life support और navigation systems असली deep space में, इंसानों के साथ, कैसे काम करते हैं.

Artemis II का क्रू

चार अंतरिक्ष यात्री — तीन अमेरिकी और एक कनाडाई. सभी अनुभवी हैं, लेकिन इनमें से किसी ने पहले चंद्रमा को इतने करीब से नहीं देखा था.

Reid Wiseman (commander) — US Navy test pilot, ISS के पूर्व commander. Apollo के बाद किसी lunar crew में सबसे उम्रदराज़ सदस्य. 2016 में उन्होंने Twitter पर लिखा था कि उन्हें सपने में lunar orbit का नज़ारा दिखा — “जब आँख खुली तो दुख हुआ कि बस सपना था.” 10 साल बाद वह वहाँ सच में पहुँच गए.

Victor Glover (pilot) — US Navy captain, 2020 में SpaceX Crew-1 मिशन से ISS गए थे. जब दूरी का रिकॉर्ड टूटा, तब क्रू का संदेश उन्हीं ने पढ़ा. वह पहले अफ्रीकी-अमेरिकी हैं जिन्होंने low Earth orbit से परे उड़ान भरी.

Christina Koch (mission specialist) — electrical engineer, ISS पर किसी महिला के लगातार रहने का रिकॉर्ड उनके नाम है — 328 दिन. वह पहली महिला हैं जो low Earth orbit से आगे गई हैं. जब पूछा गया कि चंद्रमा की सतह पर पहली महिला नहीं बनेंगी तो इस पर क्या लगता है, उन्होंने शांति से कहा: “ठीक है. यही space की नियति है.”

Jeremy Hansen (mission specialist) — Canadian Air Force colonel, Canadian Space Agency के astronaut. वह पहले गैर-अमेरिकी हैं जिन्होंने चंद्रमा की ओर उड़ान भरी. उनकी भागीदारी अमेरिका-कनाडा समझौते का नतीजा है: कनाडा भविष्य के lunar base के लिए robotic arm देगा, बदले में अमेरिका एक कनाडाई को lunar crew में शामिल करेगा.

एक ही मिशन में तीन ऐतिहासिक पहली बार

Victor Glover — low Earth orbit से परे जाने वाले पहले अफ्रीकी-अमेरिकी. Christina Koch — पहली महिला. Jeremy Hansen — पहले गैर-अमेरिकी नागरिक. यह सब एक ही मिशन में हुआ.

चंद्रमा के पास क्या हुआ

6 अप्रैल को अंतरिक्षयान चंद्रमा की सतह से 6,543 किलोमीटर की दूरी से गुज़रा. 40 मिनट तक — जब “Integrity” चंद्रमा के दूसरी तरफ था — पृथ्वी से संपर्क पूरी तरह टूट गया. अंतरिक्ष यात्रियों ने सूर्यग्रहण देखा: सूरज चंद्रमा के पीछे छुप गया और उन्हें कोरोना दिखा — सूर्य का बाहरी वायुमंडल, जो पृथ्वी से सिर्फ कभी-कभी, कुछ ही मिनटों के पूर्ण ग्रहण में दिखता है.

6 अप्रैल को सूर्यग्रहण

6 अप्रैल. चंद्रमा ने सूरज को पूरी तरह ढक लिया — क्रू ने सीधे अंतरिक्ष से सूर्यग्रहण देखा. चंद्रमा के चारों तरफ चमकता प्रभामंडल कोरोना है — सूर्य का बाहरी वायुमंडल, जो पृथ्वी से सिर्फ पूर्ण ग्रहण के कुछ दुर्लभ पलों में दिखता है. ग्रहण 54 मिनट तक रहा — पृथ्वी से ऐसा नज़ारा कभी नहीं मिलता. फोटो: NASA, Artemis II crew

7 अप्रैल को दोपहर 1:56 बजे EDT पर “Integrity” ने वह रिकॉर्ड तोड़ा जो 56 साल से Apollo 13 के क्रू के नाम था — पृथ्वी से 248,655 मील. नया रिकॉर्ड: 252,760 मील, यानी करीब 6,600 किलोमीटर और दूर. Victor Glover ने क्रू का संदेश पढ़ा: “हम अपने पूर्वजों की उपलब्धियों को सलाम करते हैं और मौजूदा और अगली पीढ़ी को चुनौती देते हैं — यह रिकॉर्ड ज़्यादा देर न टिके.”

फिर क्रू ने कुछ ऐसा किया जिसकी किसी को उम्मीद नहीं थी. खिड़की से चंद्रमा की सतह देखते हुए उन्हें दो बेनाम क्रेटर दिखे. अंतरिक्ष यात्रियों ने उन्हें नाम देने का प्रस्ताव रखा. पहले का नाम — “Integrity”, अंतरिक्षयान के नाम पर. दूसरे का — “Carroll”. यह नाम Glover ने खुद धीरे-धीरे, रुक-रुककर पढ़ा: commander Wiseman की पत्नी Carroll की 2020 में कैंसर से मृत्यु हो गई थी, उस वक्त जब मिशन की तैयारी बस शुरू ही हुई थी. यह क्रेटर चंद्रमा के दिखने वाले और न दिखने वाले हिस्से की सीमा पर है — कुछ खास समय पर पृथ्वी से भी दिखेगा.

Orion से ली गई तस्वीर में चंद्रमा के क्रेटर और क्षितिज पर पृथ्वी

Sky News का तीन घंटे का live broadcast रिकॉर्ड टूटने के पल से लेकर flyby के अगले घंटों तक सब कुछ दिखाता है — Mission Control को board से phone call, अंतरिक्ष यात्रियों के चंद्रमा की सतह देखने के observations और “Carroll” क्रेटर की घोषणा. ऐसा कम होता है जब कोई space broadcast किसी live human drama जैसी लगे.

Artemis II मिशन का चंद्रमा के पास से गुज़रना — Sky News की पूरी coverage, 3 घंटे

धरती पर वापसी: 10 अप्रैल

मिशन के आखिरी 13 मिनट सबसे तनावपूर्ण रहे. शाम 7:53 बजे EDT को कैप्सूल करीब 25,000 मील प्रति घंटे की रफ्तार से — यानी आवाज़ की गति से 35 गुना तेज़ — वायुमंडल में दाखिल हुआ. हीट शील्ड की सतह पर तापमान 4,000–5,000°F तक पहुँच गया. छह मिनट के लिए ज़मीन से संपर्क पूरी तरह टूट गया — कैप्सूल एक plasma की परत में लिपटा हुआ था. जब signal वापस आया, तो Mission Control ने कमांडर Wiseman की आवाज़ सुनी: “Houston, Integrity, we have you loud and clear.” फिर 11 parachutes खुले, और 20:07:27 EDT पर “Integrity” पानी को छू गया.

USS John P. Murtha पर चारों अंतरिक्षयात्रियों को helicopter से — दो-दो करके, inflatable raft के ज़रिए — ship पर लाया गया. Christina Koch सबसे पहले कैप्सूल से बाहर निकलीं, Reed Wiseman सबसे आखिर में. चारों खुद अपने पैरों पर चलकर deck पर आए — wheelchair से मना कर दिया — जो 10 दिन weightlessness में रहने के बाद crew की हालत बताने के लिए काफ़ी है. Commander Wiseman ने deck पर कहा: “जब Jeremy ने Carroll का नाम लिया — हम सब टूट गए. मेरे लिए यही पूरे मिशन का सबसे बड़ा पल था.”

मिशन के आँकड़े

6,94,481 मील की दूरी तय की — रिकॉर्ड दूरी 2,52,756 मील — अंतरिक्ष में 9 दिन 1 घंटा 32 मिनट — splashdown point से 1 मील से कम की चूक — 4 अंतरिक्षयात्री, सभी स्वस्थ.

President Trump ने splashdown के तुरंत बाद बधाई post की और crew को White House आने का न्योता दिया — हालांकि कोई तारीख अभी तय नहीं हुई है. इससे पहले 6 अप्रैल को उन्होंने White House से crew के साथ 12 मिनट का live communication session किया था — 50 से ज़्यादा सालों में यह पहली बार था जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने चंद्रमा के पास मौजूद अंतरिक्षयात्रियों से बात की.

मिशन के बाद सबसे बड़ा सवाल heat shield की हालत का है. 2022 में Artemis I पर heat shield 100 से ज़्यादा जगहों से damaged होकर लौटा था. Artemis II के लिए NASA ने re-entry trajectory और material दोनों बदले. Divers ने splashdown के तुरंत बाद shield की photos लीं — उस analysis के नतीजे तय करेंगे कि अगले मिशन से पहले कोई बदलाव ज़रूरी है या नहीं. NASA leadership का कहना है कि “चाँद की सतह तक पहुँचने का रास्ता अब साफ़ है.”

आगे क्या होगा

Artemis II एक test है. यह confirm करना कि life support systems असली deep space में, इंसानों के साथ काम करते हैं. यह देखना कि Orion lunar flight के बाद 25,000 miles प्रति घंटे की रफ़्तार से atmosphere में entry झेल सकता है या नहीं. इस मिशन के बिना कोई landing नहीं होगी.

1
Artemis III — 2027 के मध्य में
Orbital test

चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की low orbit में जाएँगे और SpaceX व Blue Origin के lunar landing modules से docking करेंगे. चंद्रमा पर नहीं जाएँगे — सिर्फ docking और Axiom Space के lunar spacesuits test होंगे.

2
Artemis IV — 2028 की शुरुआत में
56 साल बाद पहली landing

चार में से दो अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरेंगे. करीब एक हफ्ते वहाँ रहेंगे और सतह पर 4-5 बार निकलेंगे. मकसद है उन permanently shadowed craters तक पहुँचना जहाँ शायद पानी की बर्फ मौजूद हो.

3
Artemis V और आगे — 2028 के अंत से
स्थायी presence

Lunar base का निर्माण शुरू होगा. NASA का plan है 2035 के आसपास Artemis X तक हर साल landing हो. साथ में Blue Origin, Astrobotic, Intuitive Machines के robotic missions भी चलते रहेंगे.

चीन का क्या plan है?

बीजिंग का अपना crewed landing 2030 तक का target है. अगस्त 2026 में Chang’e 7 launch होगा — एक robotic mission जिसमें shadowed craters में water ice ढूँढने के लिए “jumping probe” होगा. Artemis IV का भी यही लक्ष्य है. यह दौड़ बिना रुके parallel चल रही है.

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

पहली landing 2028 की शुरुआत में तय है — Artemis IV मिशन. दो अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर करीब एक हफ्ते बिताएँगे. अगर सब plan के मुताबिक रहा तो दिसंबर 1972 के बाद पहली बार कोई इंसान चंद्रमा पर होगा.

Artemis II Orion spacecraft और SLS rocket को असली इंसानों के साथ test करता है — life support, navigation, communication और lunar flight के बाद atmosphere में entry. यह test किए बिना landing plan नहीं हो सकती. जैसे flight simulator में घंटों बिताए बिना solo flight नहीं होती.

मुख्य कारण है कि SpaceX Starship की orbital refueling अभी तैयार नहीं है. Lunar landing module को चंद्रमा तक पहुँचने से पहले orbit में ही करीब 1,500 टन fuel भरना होगा. यह technology अभी develop हो रही है. अप्रैल 2026 तक Starship की सभी 11 test flights suborbitally ही रहीं.

आधिकारिक तौर पर — हाँ. चंद्रमा को Mars के लिए technology testing ground माना जा रहा है. NASA SR-1 Freedom नाम का nuclear interplanetary spacecraft बना रहा है जिसकी Mars flight दिसंबर 2028 में हो सकती है. यह timeline कितनी realistic है — यह अभी खुला सवाल है.

मिशन की technology — संक्षेप में

तीन मुख्य elements, जिनके बिना lunar flight संभव नहीं.

Element क्या है मुख्य आँकड़े
SLS रॉकेट Space Shuttle की technology पर आधारित super heavy-lift rocket 98 मीटर ऊँचाई, 88 लाख पाउंड thrust, एक launch की लागत ~$4 अरब
Orion spacecraft 4 लोगों के लिए capsule, Airbus का European service module रहने का space 8.95 m³ — Apollo से 50% ज़्यादा, अधिकतम 21 दिन की autonomy
Starship HLS SpaceX का landing module जो सतह पर उतारेगा (Artemis IV+) ~50 मीटर ऊँचाई, lunar flight से पहले orbit में ~1,500 टन fuel की ज़रूरत
💡 दिलचस्प बात

SLS रॉकेट के RS-25 engines वही हैं जो Space Shuttle में इस्तेमाल होते थे. 2011 में Shuttle program खत्म होने के बाद इन्हें orbital stages से उतारा गया, upgrade किया गया और SLS पर लगाया गया. हर engine इस flight से पहले Shuttle पर औसतन 3-4 बार उड़ चुका था.